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शनिवार, 1 जुलाई 2017

मिट्टी की गुडिया




ये ब्लॉग कोना , मैंने अपने दोनों बच्चों के बढ़ते सफ़र को उनके चित्रों , तस्वीरों , और शब्दों में सहेजने के लिए बनाया था | कभी कभार खींची उनकी तसवीरें , आप भी देखिये ,आज बुलबुल की शरारतों का एल्बम


अपनी प्लस्टिक की छोटी सी गैया को मिट्टी की रोटियां खिलाती बुलबुल 

शरारत पकडे जाने पर और आवाज़ लगाने पर बुलबुल 

हमारी इश्माईल ,अपने लिए मिट्टी का ईश्माईल बनाते हुए , मिट्टी बहुत पसंद है ,बचपन में काफी पहुंच़ाया अपने पेट में 

सावधान , काम ज़ारी है .




मुस्कुराता इस्शमाईल जी 

13 टिप्‍पणियां:

  1. बच्चों के खेल भी निराले होते हैं उन्ही के तरह मासूम

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  2. इतने सालों बाद आप लौटे हैं इस तरफ... देखिये तो इत्ती बड़ी हो गयी...

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    1. समय पंख लगा कर उड़ता है , तभी तो कहते हैं

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  3. Gazabbbb bhaiya...jaldi aate hain ghar par iske saath khelne :)

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  4. यह स्माइली #हिन्दी_ब्लॉगिंग की नई अँगड़ाई के लिए है।

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    1. जी बिलकुल , हिंदी ब्लॉग्गिंग जिंदाबाद

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  5. अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ब्लॉग दिवस पर आपका योगदान सराहनीय है. हम आपका अभिनन्दन करते हैं. हिन्दी ब्लॉग जगत आबाद रहे. अनंत शुभकामनायें. नियमित लिखें. साधुवाद..
    #हिन्दी_ब्लॉगिंग

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  6. घर में बागवानी तो ब्लॉग डे भी बढिया है।

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  7. ये आपका घर पर बागवानी वाला अंदाज बहुत पसंद है हमें, बिटिया को शरारती अंदाज में देखकर अच्छा लगा

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