रविवार, 4 अक्तूबर 2015

मेरा नन्हा चित्रकार


पुत्र आयुष को अपने शुरूआती  दिनों से ही खाली समय  में अपनी   पेन्सिल  रंग  पेंट आदि से चित्रकारी करने का शौक रहा है और मुझे भी उसे ऐसा  करते हुए देखने में आनंद आता है | मैं भी उसे उसकी इस आदत या शौक को आगे बढाने के लिए उसे तरह तरह के रंग पेंट ब्रश आदि  देता रहता हूँ | आप उसकी कुछ चित्रकारी इन पोस्टों पर देख कर सराह चुके हैं , देखिये इन दिनों उसने क्या क्या  कोशिश की है









6 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, संत कबीर के आधुनिक दोहे - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. Start self publishing with leading digital publishing company and start selling more copies
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  3. अब शुरू कीजिये इस ब्लॉग को फिर से... :)

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  4. बहुत दिनों बाद लौटे और इतनी सुन्दर चित्रकारी ने मन मोह लिया... पहले चित्र में जीवन के कई रंग हैं तो दूसरे चित्र में नीले सागर की चटक रंग की मछलियाँ प्रसन्नचित्त बाल स्वभाव को दिखाती हैं...तीसरा चित्र आस्था का है...बहुत खूब पियूष ...कभी कभी शौक हुनर बन सफलता की ओर भी ले जाता है.. ढेरों शुभकामनाएँ

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    1. आपका स्नेह आयुष तक पहुंचा दूंगा मीनू दीदी , बहुत बहुत शुक्रिया और आभार आपका

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