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रविवार, 19 सितंबर 2010

गोलू की गोली , बुलबुल की बोली ...












हो हो हो .....पापा मुझे तो लगता था कि मैं ही साईज़ में सबसे छोटा हूं .....मगर छोटी की लिलिपुटियन साईज़ को देख कर तो मज़ा ही आ गया ...हो हो हो ....




चुउउउउप.....कैसे बातें करते हो गोलू भईया ....आप तो बस गोल गोल ही घूमते रहते हो ....मैं तो बुलबुल हूं न मुझे सब पता है ...इसलिए आप तो बस चुउउउउप्प्प्प्प..................


अच्छा छोटी ! चल छोड.....आजकल रिएल्टी शो चल रहे हैं ...तो तेरा- मेरा एक शो हो जाए ...मैं अपना फ़्लूट संभालता हूं .........लगा तो ज़रा एक लंबा सुर ..........................


लो पहले बताते न ....अब देखो ................साआआआआआआआअ..............


4 टिप्‍पणियां:

  1. वाह..........मजा आ गया
    क्या आवाज पाई है ...
    गूँज रही है कानों में
    बाँसुरी की धुन और
    दिल कह रहा है बस....
    सुन,सुन,सुन

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