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बुधवार, 20 अक्तूबर 2010

लो जी ओलंपिक की तैयारी में अभी से लग जाते हैं ..क्यों क्या ख्याल है ?



पहले पापा के डंबल शंबल को ही आजमाती हूं



अरे ये तो मेरे बाएं हाथ का खेल है जी
लो देखो कितना आसान है ...


चलिए अब अगला कमाल कल दिखाउंगी आपको



9 टिप्‍पणियां:

  1. जी हाँ शुरूआत तो यहीं से होनी है

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  2. अल्ले बाबा रे .....ये छुटकू पहलवान तो बड़े प्याले प्याले है :)
    ढ़ेर प्यार
    अनुष्का

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  3. पहले ई बताइए ये सा अस्त्र औजार कहाँ से आ गया जी???आप सही में क्या सलमान खान को टक्कर देने की सोच रहे हैं... :)

    और हमरी बच्ची तो गोल्ड मेडल पक्का जीतेगी...ये तो फिक्स बात है..:)

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  4. पापा को भी पीछे छोड़ देना..हा..हा..हा..
    ______________________
    'पाखी की दुनिया' में पाखी की इक और ड्राइंग...

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  5. शाबाश!!
    ये हुई ना काम की बात!
    --
    आपकी पोस्ट को बाल चर्चा मंच में लिया गया है!
    http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/10/24.html

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  6. चलो अब तो स्वर्ण पदक पक्का है.... :)

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