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बुधवार, 25 दिसंबर 2013

टू चिल्ड्रेन इन चिल्ड्रैन पार्क ....वाया इंडिया गेट





जितनी ही जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता हमारी , हमारे जीवन से जुडे अन्य पहलुओं , नौकरी , गृहस्थी , पढाई लिखाई और अन्य ऐसी ही बातों के लिए है उतनी ही अपने बच्चों के लिए भी है । मैंने इस मामले में एक तय नियम बनाया हुआ है , जब भी बच्चों के साथ खेलने पढने और यहां तक कि उनके साथ बैठ कर टीवी देखने का भी मौका भी मुझे मिलता है , मैं उसे हाथ से जाने नहीं देता । फ़िर चाहे वो छत पर क्रिकेट खेलने का हो या बुलबुल के साथ बैठ उसके "टॉम एंड जैरी" देखने का , आयुष हमेशा मेरे साथ डिस्कवरी और हिस्ट्री जैसे चैनल मुझसे दूने उत्साह के साथ देखता है , मुझे भी ज्यादा मज़ा आता है ।


आज अचानक हमें आदेश दे दिया गया कि ,आज तो इंडिया गेट और उसके समीप ही स्थित चिल्डैन पार्क की ओर कूच करना ही करना है । बस जी , आगे की कहानी आप इन फ़ोटोज़ के सहारे देखिए पहले



इंडिया गेट की उस दिन खासी धुलाई हो रही थी

.
इंडिया गेट के आसपास


अमर जवान ज्योति स्तंभ के साथ जय जवान भी
 

और एक पोज़ वाली ईश्टाईल की फ़ोटो भी हो जाए

चिल्ड्रेन पार्क में मस्ती करना तो हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है



मस्ती एंड झूला टाईम



अरे वाह , पापा देखो कित्ती सारी मछलियां हैं





एक फ़ोटो शेर जी के साथ


ओपन थिएटर की दर्शक दीर्घा में सबसे ऊपर बैठ कर एक हो जाए

अब मंच पर उतर के तितली उडी भी गा ही लिया जाए

एकदम नहाए धोए ताज़े ताज़े फ़ूल से स्नान के बाद

 चलिए अब आप सबको बाय बाय , फ़िर मिलेंगे अगली किसी पोस्ट के सथ

6 टिप्‍पणियां:

  1. वाह,देख कर ही मन में ऊर्जा से भर उठा !

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  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 26-12-2013 को चर्चा मंच की चर्चा - 1473 ( वाह रे हिन्दुस्तानियों ) पर दिया गया है
    कृपया पधारें
    आभार

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  3. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (25 दिसंबर, 2013) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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  4. स्मृतियों में रच - बस जाये ऐसा दिन ..... ब्च्चों को स्नेहाशीष :)

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