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रविवार, 23 मार्च 2014

झप्पी विद टफ़ी

अभी दो दिन पहले ही पडोस/आसपास से ये बिल्ली शावक अचानक ही सीढीयों में दिख गया । बस फ़िर क्या था बुलबुल और गोलू जी की पौ बारह हो गई । दो दिन पहले मिला ये नन्हा दोस्त भी इनसे यूं हिल मिल गया मानो जाने पिछले जन्म की मुलाकात हो । इस नन्हीं जान के लिए आनन फ़ानन में छोटा सा घर , दूध पीने के कटोरी , और ठंड से बचाने के लिए नर्म नर्म गद्देदार छोटा बिस्तर की पूरी व्यवस्था की गई । अब इस नए मेहमान जिसका नाम बुलबुल ने "टफ़ी" रखा है की सेवा में दोनों भाई बहन एकदम व्यस्त रहते हैं और ये बिल्लौटा भी इन दोनों की गोद में आकर यूं पसर जाता है मानो बाप का राजसिंहासन हो , देखिए .............

टफ़ी और बुलबुल

मेरी प्यारी टफ़ी

चल मुंह उधर कर , पोज़ मारके फ़ोटो खिंचवा

ऐसे न :) :)

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